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शिवालिक वन प्रभाग में बड़ा हादसा: हाई टेंशन तार की चपेट में आने से जंगली हाथी की दर्दनाक मौत, वन विभाग और ग्रामीणों में मचा हड़कंप
सहारनपुर ब्यूरो | एलिक सिंह, संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
सहारनपुर। सहारनपुर जनपद के शिवालिक वन प्रभाग के मोहड़ रेंज अंतर्गत सुंदरपुर गांव के समीप जंगल में शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक घटना घटी, जब एक विशालकाय जंगली हाथी हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से न केवल वन विभाग में हड़कंप मच गया, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों में भी आक्रोश और भय का माहौल बन गया है।
⚡ घटनास्थल पर हाहाकार, ग्रामीणों ने दी सूचना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे के आसपास यह हाथी जंगल से निकलकर सुंदरपुर गांव के खेतों की ओर आया था। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि हाथी खेतों के किनारे लगी ऊँची घास खा रहा था, तभी वह ऊँचाई पर लटके हुए हाई टेंशन तारों से टकरा गया। कुछ ही सेकंड में तेज़ करंट का झटका लगा और हाथी ज़मीन पर गिर पड़ा। ग्रामीणों ने आनन-फानन में वन विभाग और बिजली विभाग को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही मोहड़ रेंज अधिकारी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। हाथी के शव को देखकर अधिकारियों ने तुरंत पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए वन चिकित्सकों की टीम को बुलवाया गया।
🐘 वन विभाग की कार्रवाई – शव पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया
शिवालिक वन प्रभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी की मौत बिजली के करंट से हुई है। विभाग ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
वन अधिकारी ने कहा,
“प्रथम दृष्टया यह मामला विद्युत तार से करंट लगने का प्रतीत होता है। वन्यजीवों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इस घटना में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
वन विभाग की टीम ने आस-पास के इलाकों में गश्त बढ़ाने और झुके हुए तारों की जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए हैं।
⚡ बिजली विभाग की लापरवाही आई सामने
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा पूरी तरह विद्युत विभाग की लापरवाही का परिणाम है। सुंदरपुर गांव के पास कई स्थानों पर हाई टेंशन लाइन काफी नीचे झुकी हुई है, जिससे खेतों में काम करने वाले लोगों और जानवरों को खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को तारों के खतरनाक झुकाव की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एक स्थानीय निवासी ने कहा –
“अगर विभाग समय पर इन तारों की ऊँचाई बढ़ा देता, तो आज यह निर्दोष हाथी ज़िंदा होता। यह सीधे-सीधे बिजली विभाग की लापरवाही है।”
🏛️ प्रशासन ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ (Divisional Forest Officer) और एसडीओ बिजली विभाग को मौके की स्थिति की रिपोर्ट तलब की गई है।
जिला प्रशासन ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है और कहा है कि हाथी की मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जाएगी।
डीएम सहारनपुर मनीष बंसल के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम को क्षेत्र में भेजा गया है। टीम को यह भी निर्देशित किया गया है कि जंगल और ग्रामीण इलाकों में लटकी हुई विद्युत लाइनों का सर्वे कराया जाए और खतरनाक स्थानों की मरम्मत तत्काल की जाए।
⚠️ स्थानीय जनभावना और पर्यावरणीय चिंता
यह घटना केवल एक हाथी की मौत नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है।
पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने कहा है कि
“सहारनपुर के शिवालिक क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों के सड़क हादसे, विद्युत तारों और अवैध खनन के कारण मौतों की संख्या बढ़ रही है। सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने होंगे।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथी अक्सर इस इलाके में जंगलों से निकलकर गांव की ओर आ जाते हैं, लेकिन वन विभाग और बिजली विभाग के बीच सामंजस्य की कमी के कारण ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं।
📸 घटनास्थल पर वन विभाग की भारी मौजूदगी
घटना के बाद पूरे सुंदरपुर क्षेत्र में वन विभाग की टीमों ने गश्त तेज कर दी है। अधिकारियों ने आसपास के किसानों से सहयोग करने और बिजली लाइनों से दूर रहने की अपील की है।
मोहड़ रेंज अधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों को भी सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी जंगली जानवर की सूचना तुरंत विभाग को देनी चाहिए।
🔍 पृष्ठभूमि – क्षेत्र में पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
यह पहला मौका नहीं है जब सहारनपुर के शिवालिक क्षेत्र में हाई टेंशन लाइन के कारण जंगली जानवर की मौत हुई है।
पिछले वर्ष भी इसी क्षेत्र के नज़दीक एक नीलगाय करंट की चपेट में आ गई थी। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि विद्युत तारों की ऊँचाई और सुरक्षा मापदंडों का पालन न किया जाना इस तरह की घटनाओं की सबसे बड़ी वजह है।
📢 जनता की मांग – जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो
ग्रामीणों और स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि बिजली विभाग के उन अधिकारियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए, जिनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ।
उन्होंने कहा कि हाथी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अत्यंत संरक्षित प्रजाति है, और उसकी मृत्यु को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
🕊️ संवेदनशील अपील – वन्यजीवों की सुरक्षा मानव की जिम्मेदारी
यह घटना एक गहरी सीख देती है कि मनुष्य की विकासात्मक गतिविधियाँ किस प्रकार वन्यजीवों के लिए खतरा बनती जा रही हैं।
वन विभाग और विद्युत विभाग को मिलकर ऐसे उपाय करने होंगे जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाएँ न हों।
निष्कर्ष:
सहारनपुर के सुंदरपुर क्षेत्र में हुआ यह हादसा न केवल वन विभाग और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मानव लापरवाही ने प्रकृति के जीवों के जीवन पर कितना गहरा प्रभाव डाला है।
अब देखना यह होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है और क्या वास्तव में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी कागज़ों में ही दब जाएगा।
📍 स्थान: सुंदरपुर, मोहड़ रेंज – शिवालिक वन प्रभाग, सहारनपुर
📆 तारीख: 25 अक्टूबर 2025
📞 रिपोर्ट: एलिक सिंह, संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📸 फोटो सौजन्य: वन विभाग, सहारनपुर




